Monday, February 11, 2013

ख़ानाबदोश औरत

बेटी — पत्नी — माँ....
वह खोदती है कोयला
वह चीरती है लकडी
वह काटती है पहाड
वह थापती है गोयठा
वह बनाती है रोटी
वह बनाती है घर
लेकिन उसका कोई घर नहीं होता
(ख़ानाबदोश औरत  से  - सम्पूर्ण रचना पढ़ें  )
-----
रचनाकार: किरण अग्रवाल
जन्म: 23 जुलाई 1956.
जन्म स्थान पूसा, बिहार
शिक्षा- एम.ए. (अंग्रेज़ी) वनस्थली विद्यापीठ राजस्थान से 

No comments:

Popular Posts