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Monday, May 4, 2015

कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियो | kar chale hum fida

कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते क़दम को न रुकने दिया
कट गए सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया

मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो

ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर
जान देने के रुत रोज़ आती नहीं
हस्न और इश्क दोनों को रुस्वा करे
वह जवानी जो खूँ में नहाती नहीं

आज धरती बनी है दुलहन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो

राह कुर्बानियों की न वीरान हो
तुम सजाते ही रहना नए काफ़िले
फतह का जश्न इस जश्न‍ के बाद है
ज़िंदगी मौत से मिल रही है गले

बांध लो अपने सर से कफ़न साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो

खींच दो अपने खूँ से ज़मी पर लकीर
इस तरफ आने पाए न रावण कोई
तोड़ दो हाथ अगर हाथ उठने लगे
छू न पाए सीता का दामन कोई
राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियो

अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो

- कैफ़ी आज़मी

Sunday, January 23, 2011

गणतंत्र दिवस 2011

"जन गण मन" गीत मूल रूप से रविन्‍द्रनाथ टैगोर द्वारा बंगाली में लिखा गया था और इसे 24 जनवरी 1950 को हिन्‍दी संस्‍करण के रूप में राष्‍ट्र गान के तौर पर विधानमण्‍डल द्वारा अपनाया गया। इसे भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस कलकत्‍ता सत्र में 27 दिसम्‍बर 1911 को पहली बार गाया गया था।
http://www.india.gov.in/myindia/images/badge_logo.jpg

मेरा भारत मेरी शान बैज

राष्‍ट्रीय झण्‍डा

राष्‍ट्रीय गान (श्रव्‍य)

राष्‍ट्रीय गान (वीडियो)

राष्‍ट्रीय गीत (श्रव्‍य)

राष्‍ट्रीय गीत (वीडियो)



अधिक जानकारी के लिए देखें : http://www.bharat.gov.in/myindia/myindia.php

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