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"उद्देश्य जन्म का नहीं कीर्ति या धन है, सुख नहीं धर्म भी नहीं न तो दर्शन है, विज्ञान ज्ञान बल नही न तो चिंतन है, जीवन का अन्तिम ध्येय स्वयं जीवन है." रामधारी सिंह दिनकर

इश्क़ में इम्तेहान

  वैसे तो आपकी हर अदा से वाकिफ़ है दिलदारा     डरते है जब इश्क़ में इम्तेहान  देने की बात हो | From http://mehhekk.wordpress.com/