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हमको मिटा सके ये ज़माने में दम नहीं

मई 01, 2010 ・0 comments
हमको मिटा सके ये ज़माने में दम नहीं जिगर मुरादाबादी हमको मिटा सके ये ज़माने में दम नहीं हमसे ज़माना ख़ुद है ज़माने से हम नहीं बेफ़ायदा...
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इश्क़ की दास्तान है प्यारे

अप्रैल 30, 2010 ・0 comments
इश्क़ की दास्तान है प्यारे इश्क़ की दास्तान है प्यारे अपनी-अपनी ज़ुबान है प्यारे हम ज़माने से इंतक़ाम तो लें एक हसीं दर्मियान है प्यारे ...
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