श्री कृष्ण जन्माष्टमी

हरे कृष्ण हरे कृष्ण , कृष्ण कृष्ण हरे हरे ॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण , कृष्ण कृष्ण हरे हरे ॥
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाये
श्री कृष्ण जन्मोत्सव
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कुछ अन्य साईट इस प्रकार है :

हैप्पी रक्षाबंधन

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स्वतंत्रता दिवस

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाए









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तलाश

एक छंद ऑरकुट से ..................

हर नज़र को एक नज़र की तलाश है,

हर चेहरे में कुछ तोह एह्साह है,

आपसे दोस्ती हम यूँ ही नहीं कर बैठे,

क्या करे हमारी पसंद ही कुछ खास है . .

चिरागों से अगर अँधेरा दूर होता,

तोह चाँद की चाहत किसे होती.

कट सकती अगर अकेले जिंदगी,

तो दोस्ती नाम की चीज़ ही न होती.

कभी किसी से जीकर इ जुदाई मत करना,

इस दोस्त से कभी रुसवाई मत करना,

जब दिल उठ जाये हमसे तोह बता देना,

न बताकर बेवफाई मत करना.

दोस्ती सची हो तो वक्त रुक जाता है

अस्मा लाख ऊँचा हो मगर झुक जाता है

दोस्ती में दुनिया लाख बने रुकावट,

अगर दोस्त साचा हो तो खुदा बी झुक जाता है.

दोस्ती वोह एहसास है जोह मिट ता नहीं.

दोस्ती पर्वत है वोह, जोह झुकता नहीं,

इसकी कीमत क्या है पुचो हमसे,

यह वोह अनमोल मोती है जोह बिकता नहीं . . .

सची है दोस्ती आजमा के देखो,

करके यकीं मुझेपे मेरे पास आके देखो,

बदलता नहीं कभी सोना अपना रंग,

चाहे जितनी बार आग में जला के देखो

सब जीवन बीता जाता है

सब जीवन बीता जाता है

सब जीवन बीता जाता है
धूप छाँह के खेल सदॄश
सब जीवन बीता जाता है

समय भागता है प्रतिक्षण में,
नव-अतीत के तुषार-कण में,
हमें लगा कर भविष्य-रण में,
आप कहाँ छिप जाता है
सब जीवन बीता जाता है

बुल्ले, नहर, हवा के झोंके,
मेघ और बिजली के टोंके,
किसका साहस है कुछ रोके,
जीवन का वह नाता है
सब जीवन बीता जाता है

वंशी को बस बज जाने दो,
मीठी मीड़ों को आने दो,
आँख बंद करके गाने दो
जो कुछ हमको आता है

सब जीवन बीता जाता है.

जयशंकर प्रसाद
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एक तिनका

एक तिनका



मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ,

एक दिन जब था मुंडेरे पर खड़ा।

आ अचानक दूर से उड़ता हुआ,

एक तिनका आँख में मेरी पड़ा।


मैं झिझक उठा, हुआ बेचैन-सा,

लाल होकर आँख भी दुखने लगी।

मूँठ देने लोग कपड़े की लगे,

ऐंठ बेचारी दबे पॉंवों भागने लगी।


जब किसी ढब से निकल तिनका गया,

तब 'समझ' ने यों मुझे ताने दिए।

ऐंठता तू किसलिए इतना रहा,

एक तिनका है बहुत तेरे लिए।







अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध