आज के यंत्र युग में हम सब तरह के सुख-साधनों से घिरे हुए हैं। फिर भी हमारे अंदर एक खालीपन सा रहता है और हम अपने जीवन के वास्तविक उद्देश्य को भूल जाते हैं। यह इसलिए है क्योंकि हम कई बार बिना किसी लक्ष्य के आगे बढ़ते हैं और बाद में भटक जाते हैं। ध्येय प्राप्ति की राह पर अग्रसर होने के लिए हमें अपने विचारों को एकाग्र करना होगा। अगर हम अलग-अलग दिशाओं में बिखरे रहेंगे तो कभी भी अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाएंगे। इसलिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण बनाना बहुत जरूरी है। हमारा दृष्टिकोण ही हमारे जीवन की दिशा तय करता है। यदि हमने जीवन की वास्तविकता को समझ लिया है, तो हमारा लक्ष्य अपनी चेतना को परिष्कृत करना होना चाहिए। इस तरह से हम न केवल अपने ध्येय को प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि आत्म-अनुशासन और संतुष्टि भी प्राप्त कर सकेंगे। लक्ष्य प्राप्ति की यात्रा आसान नहीं है, लेकिन एक अटल प्रतिबद्धता के साथ हम निश्चित रूप से सफल हो सकते हैं। इसलिए आज ही अपने जीवन के मकसद को स्पष्ट करें और लगातार उस दिशा में आगे बढ़ते रहें। याद रखें, सिर्फ दृढ़ संकल्प ही आपको मंजिल तक पहुंचा सकता है।
हिन्दी की प्रसिद्ध रचनाओं का सन्कलन Famous compositions from Hindi Literature